पीडीडीयू नगर। गोंड समाज के बुद्धिजीवियों की बैठक रेवसा में हुई। इसमें गोंड जाति को प्रदेश के चार जनपदों में अनुसूचित जन जाति में शामिल करने के निर्णय का स्वागत किया गया। इस दौरान लोकसभा के बाद राज्य सभा में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित होने पर प्रदेश और केंद्र सरकार को धन्यवाद भी दिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के चंदौली, संत रविदासनगर (भदोही), कुशीनगर और संत कबीरनगर में गोंड जाति को अनूसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए लगातार आंदोलन किया जा रहा था। गोंड को जनुसूचित जनजाति में शामिल करने के संबंध में विधेयक को संसद में पेश किया गया था। लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इससे समाज के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा मिल सकेगा। महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय सिंह धुर्वे ने कहा कि जिस तरह से केंद्र की सरकार ने आदिवासी हितों को ध्यान में रखकर उनके आर्थिक सामाजिक उत्थान के लिए जो महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, वह सराहनीय है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही जिले में स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल अनुसुइया उइके, केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा, राज्यमंत्री रेणुका सिंह, सरोता, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद जगदंबिका पाल और प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, असम के कोकराझार से सांसद नबा कुमार सरानीया को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में अरविंद गोंड, सुरेश गोंड, छबीले धुर्वे, संतोष गोंड, कमलेश गोंड, नंदू प्रसाद गोंड, राजकुमार गोंड, विजय गोंड बॉर्डर, मनोज गोंड, दिनेश गोंड रहे। संचालन संतोष गोंड ने किया।