पड़ाव-पीडीडीयू नगर मार्ग पर चंदासी के पास पहुंचने पर उजले कपड़ों पर काली मोटी परत जम जाती है। इससे बचने के लिए लोग गमछे से मुंह बांधकर आने-जाने को मजबूर हैं। ट्रकों की वजह से रोजाना जाम लगता है। उसमें फंसे राहगीर के कपड़े काले हो जाते हैं। चंदासी में रोजाना कोयला लदे एक हजार से ज्यादा ट्रकों का आवागमन होता है। मुख्य सड़क के अलावा कोल मंडी में कहीं भी पक्की सड़क नहीं है। जरा सी बारिश होने के बाद ट्रकों के चक्के में लिपटकर गिली मिट्टी मुख्य सड़क पर आ जाती है। सड़क पर मिट्टी और कोयला की मोटी परत जम जाती है। सूखने पर यह धूल की तरह उड़ने लगती है। इस मार्ग पर राहगीरों को धूल और धुंध के बीच से जाना पड़ता है।
धूल से आजिज लोगों ने पिछले वर्ष प्रदर्शन भी किया था। विरोध स्वरूप इस धूल-गर्द को नगर पालिका कार्यालय में ले जाकर फेंका था। उसके बाद भी अधिकारियों की नींद नहीं खुुली। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। इस गर्मी में चंदासी से गुजरना मुश्किल हो गया है। देश के प्रमुख रेलवे स्टेशन पीडीडीयू जंक्शन या फिर दफ्तर जाने वाले गर्मी में ऊपर से दूसरा कपड़ा पहनकर और मुंह बांध कर जाते हैं। इस मार्ग पर एक दर्जन से ज्यादा स्कूल हैं। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे इसी धूल को फांकते हुए स्कूल जाते हैं। ऐसे में यह धूल बहुुतों को बीमार कर रही है।
कोट- चंदासी में धूल के अस्थायी समाधान के लिए रविवार को टैंकर से पानी का छिड़काव कराया गया है। नियमित रूप से धूल से मुक्ति के लिए जो संभव होगा किया जाएगा। लोगों की समस्या संज्ञान में है।-अविनाश कुमार, एसडीएम, पीडीडीयू नगर