चकिया। विश्वकर्मा पूजा पर मिलने वाले अवकाश पर रोक लगाने को लेकर विश्वकर्मा समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। इसके खिलाफ समाज के सदस्य नौ अगस्त से आंदोलन करेंगे। आंदोलन की मजबूती व सफलता के लिए बृहस्पतिवार को सदस्यों ने चकिया व नौगढ़ क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में जातीय आधार पर जुल्म व उत्पीड़न हो रहा है। कोरोना महामारी के दौरान विभिन्न जनपदों में विश्वकर्मा समाज सहित अति पिछड़े कमजोर वर्ग के लोगों की भू- संपत्ति राजनैतिक संरक्षण प्राप्त दबंग माफिया के हड़पने, बलात्कार तथा हत्या की अनेक घटनाएं घटित हुई हैं जिसमें पुलिस की भूमिका पक्षपातपूर्ण रही है। सरकार पर भेदभाव व विश्वकर्मा समाज की पहचान मिटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि परंपरागत पर्व विश्वकर्मा पूजा पर मिलने वाला अवकाश रद कर सरकार ने उनकी भावनाओं को आहत किया है। सरकार माटी कला बोर्ड की भांति शिल्पकला बोर्ड की स्थापना की मांग को लगातार नजरअंदाज कर समाज के लोगों से भेदभाव कर रही है। चेतावनी दी कि समाज अपनी मांगों को लेकर क्रांति दिवस, नौ अगस्त से आंदोलन शुरू करेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अशोक विश्वकर्मा, श्रीकांत विश्वकर्मा, डॉ. प्रमोद विश्वकर्मा, नंदलाल विश्वकर्मा, दीनदयाल, राजेश, विजेंद्र, सुरेंद्र, विजय आदि मौजूद थे।