चकिया। शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से मां काली मंदिर परिसर में चल रहे 24 कुंडीय गायत्री जन जागरण महायज्ञ के तीसरे दिन 27 बालकों का विद्यारंभ संस्कार कराया गया। दो लोगों का जन्मदिन मनाया गया। एक बालक का मुंडन संस्कार कराया गया। 12 बच्चों का नामकरण और तीन का पुंसवन संस्कार हुआ। महायज्ञ में रविवार को तीन सत्र के महायज्ञशाला में 905 लोगों ने आहुतियां डालीं।
इसके पूर्व सुबह आयोजित यज्ञशाला में रामदुलारे गोंड, केसरी नंदन, सरोज देवी, राघवेंद्र प्रताप सिंह, प्रभाकर पटेल, कैलाश जायसवाल, आरती जायसवाल, रवि गुप्ता, शशि प्रकाश, सुरेश यादव, बहादुर यादव, ज्ञानेश्वर प्रसाद, संतोष जायसवाल, नंदू विश्वकर्मा, डॉ. राजकुमार आदि साधकों ने आहुति डाली। शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रवचनकर्ता रीता त्रिपाठी और युग गायक नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि मनुष्य का पूरा जीवन संस्कारों से घिरा हुआ है। बिना संस्कारों के जीवन का कोई मोल नहीं है। जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न संस्कारों का निर्वहन हमारी संस्कृति की पहचान भी है और मानव मूल्यों को समझने में सहायक भी। इस अवसर पर विनीत प्रजापति, शैलेंद्र केसरी, ज्योति गुप्ता, शिवरतन गुप्ता, विजय विश्वकर्मा, शिवजनम जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, राममूरत कुशवाहा, संदीप गुप्ता, सोनू कसौधन आदि उपस्थित रहे।