नियामताबाद। विकास खंड के धरना गांव में विकास कार्य के लिए सामान खरीदारी के लिए प्रस्तावित फर्म को स्वीकृत न किए जाने से नाराज प्रधानपति ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपा। ग्राम विकास अधिकारी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उधर, ज्ञापन लेकर बीडीओ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। गांवों के विकास के लिए प्रति वर्ष निर्माण सामग्री की खरीदारी के लिए फर्म को स्वीकृति दी जाती है। धरना गांव में सात जुलाई को फर्म की निविदा खोली गई। इसमें तीन फर्म ने आवेदन किए थे। ग्राम विकास अधिकारी ने तीनों फर्मों के निविदा को निरस्त कर दिया। इससे प्रधान सोना देवी और प्रधानपति श्यामजी गुप्ता नाराज हो गए। शुक्रवार को प्रधानपति श्यामजी गुप्ता ने बीडीओ को ज्ञापन सौंप कर ग्राम विकास अधिकारी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। ग्राम विकास अधिकारी सुमित प्रजापति ने बताया कि निविदा के लिए आए दो फार्मों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं लगाया गया था। वहीं एक फर्म प्रधान के भतीजे के नाम से थी। साथ ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी शामिल नहीं किया गया था। बीडीओ रक्षिता सिंह ने कहा कि शिकायत पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।