फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदू धर्म में वैष्णव संप्रदाय का है बड़ा महत्व : संत विद्या भास्कर

विज्ञापन
विज्ञापन
चहनिया। क्षेत्र स्थित कांवर सिद्धपीठ मां महड़ौरी देवी परिसर में चल रहे श्रीलक्ष्मी-नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान एक तरफ जहां लोग यज्ञ मंडप के फेरे लेने के लिए चक्रमण कर रहे थे तो दूसरी ओर लंगर में प्रसाद लेने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी थी।
विज्ञापन

महायज्ञ में प्रवचन स्थल पर वैष्णव संत सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें संतों व विद्वानों ने अयोध्या के पीठाधीश्वर व कथावाचक संत वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर के सम्मान में विचार व्यक्त किए। संत विद्या भास्कर ने कहा कि हिंदू धर्म में वैष्णव संप्रदाय का बड़ा महत्व है । इस धर्म के चार संप्रदाय हैं। धर्म के उपासक ब्राह्मणों को वैष्णव या वैरागी कहा जाता है।
वैष्णव धर्म के प्राचीन मंदिरों की अर्चना वैष्णव ब्राह्मण द्वारा की जाती है। इस धर्म में भक्ति परक साहित्य 10वीं से 16वीं शताब्दी के बीच संस्कृत व स्थानीय लेखन में उभरा है। मूलक पीठाधीश्वर, बक्सर पीठाधीश्वर, नागोरिया पीठाधीश्वर सहित काशी हिंदू विश्वबिद्यालय व सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के विभागध्यक्षों ने भी अपने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत समिति के उपाध्यक्ष गृजेश सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें