गहनों पर उत्पाद कर बढ़ाने के विरोध में सराफा व्यवसायियों की बंदी शनिवार को भी जारी रही। व्यवसायियों ने नगर में मौन जुलूस निकाला और बाद में परमार कटरा के समीप सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक धरना प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। बंदी के चलते प्रतिदिन करीब छह करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। एक सुर से एक्साइज ड्यूटी की समाप्ति तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि बजट में स्वर्ण आभूषणों पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर सरकार आम लोगों के साथ व्यवसायियों के साथ धोखा धड़ी कर रही है। इस काले कानून के खिलाफ पूरे देश में स्वर्ण व्यवसायी एकजुट होकर हड़ताल आदि दकर रहे हैं। बावजूद इसके केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़ी है।
कहने को तो केंद्र सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है लेकिन जिस तरह व्यवसायी वर्ग की उपेक्षा हो रही है, उससे केंद्र सरकार अंग्रेजी शासन काल की याद दिला रही है। कहा कि इसके पूर्व यूपीए शासन में भी एक्साइज ड्यूटी लगाई गई थी, उस समय एनडीए के घटक दलों ने व्यवसायियों का साथ दिया था और व्यवसायियों के सुर में सुर मिलाकर प्रदर्शन किया।
अब शासन में आते ही एनडीए के भी सुर बदल गए। चेतावनी दी कि एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ अंतिम समय तक लड़ाई जारी रहेगी। सभा के पूर्व सुबह दस बजे व्यापारियों ने धरना स्थल से नगर में मौन जुलूस निकाला। जुलूस नगर भ्रमण के बाद धरना स्थल पर पहुंच कर समाप्त हुआ।
धरना और सभा में प्रदीप सेठ, रामानंद सेठ, अभिमन्यू सेठ, राजीव सेठ, भोलानाथ, रमाशंकर, मंसूर सलाम, अशोक जायसवाल, राजू सेठ, मुकुंदलाल, विजय, घनश्याम,विनोद सोनी, सुभाष सेठ, अतुल, परमानंद सेठ, रवि, दीपू जायसवाल, संजय सेठ, मोती सेठ, ओमप्रकाश, चंद्रशेखर जायसवाल, दिलीप सेठ, विनो, संजय मोदनवाल आदि उपस्थित रहे।