पीडीडीयू नगर। लोक आस्था का महा पर्व डाला छठ पर घर पहुंचना यात्रियों के लिए कठिन हो गया है। स्थिति यह है कि दिल्ली, मुंबई, गुजरात, चेन्नई सहित अन्य औद्योगिक शहरों से आने वाली ट्रेनों के शौचालयों में भी यात्री ठुसे भरे हैं। स्लीपर कोच मे सीट तक पहुंचना यात्रियों के लिए कठिन साबित हो रहा है। बृहस्पतिवार को पीडीडीयू जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों का आलम यह था कि ट्रेन के पायदान पर 10-12 लोग खड़े थे। वहीं अंदर कोच में जगह न होने से दो सीटों के बीच चादर बांधकर यात्री बैठे हुए दिखे। सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त दिखाई दीं।
दीपावली और छठ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाई है लेकिन इसमें भी सीट उपलब्ध नहीं है। स्थिति यह है कि लोग सीट के लिए तत्काल और प्रीमियम तत्काल पर आश्रित हैं। इसके लिए स्टेशनों पर पूरी रात जाग रहे हैं। बावजूद इसके सीट नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि यात्री जनरल टिकट लेकर टीटीई को जुर्माना देकर स्लीपर और एसी का टिकट लेकर ट्रेन मे सवार हो रहे हैं। इससे रिजर्व कोच में इतनी अधिक भीड़ हो रही है कि यदि कोच मे सवार हो जा रहे हैं तो यात्रियों को सीट से उठना तक मुश्किल हो जा रहा है। जनरल कोच मे तो यात्री दो सीटों के बीच चादर बांध कर झूला बना रहे हैं और उस पर सवार होकर यात्रा करने को मजबूर हैं। पीडीडीयू जंक्शन पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, कामाख्या दिल्ली एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस, नार्थईस्ट एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में भी अत्यधिक भीड़ दिखी। स्थिति यह रही कि ट्रेनों के एसी कोच में भी पैर रखने की भी जगह नहीं मिली।