पीडीडीयू नगर। आगामी एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। इसे लेकर गृहिणियों को काफी उम्मीदें है। उन्हें उम्मीद है कि बजट राहत देने वाला होगा। महिलाओं का कहना है कि महंगाई से कमर टूट रही है और किचन चलाना मुश्किल हो गया है। कोरोना काल में आर्थिक समस्याओं से जूझ रही गृहणियों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भी महिला होने से उम्मीद है कि वे उनका पूरा ध्यान रखेंगी। गृहिणी कविता राय ने कहा कि बजट महंगाई पर नियंत्रण करने वाला होना चाहिए। कोरोना संक्रमण करने के कारण लोगों की आय पर विपरित असर पड़ा है। उनकी आमदनी कम हो गई है। ऐसे में महंगी वस्तुओं को खरीदना आम आदमी के बस में नहीं रह गया। भारती यादव ने कहा कि पेट्रोल व डीजल के साथ रसोई गैस के दाम में भी काफी वृद्धि हो गई है। इससे आम लोगों के लिए किचन का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। वित्त मंत्री को रसोई गैस पर लगने वाला टैक्स कम कर आम लोगों को राहत देनी चाहिए। निशा शर्मा ने बताया कि कोरोना काल के बाद अनलॉक में दाल, तेल, रिफाइंड आदि खाद पदार्थो की कीमत काफी ज्यादा हो गई है। एक तो कमाई कम उपर से तेल व दाल के दामों के वृद्धि ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। वित्त मंत्री को इनके मूल्य कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए। पूनम यादव ने बताया कि डीजल के दाम में वृद्धी होने से खेती किसानी पर संकट छाने लगा है। इन दिनों मजदूरों की बजाय मशीनों पर खेती करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से लेकर फसलों की कटाई तक लोग ऐसी मशीनों का प्रयोग करते है जिसमें डीजल की खपत होती है। सरकार को पेट्रो उत्पादों पर टैक्स कम कर लोगों को राहत देनी चाहिए।