पीडीडीयू नगर। अयोध्या धाम में भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है और 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। दिव्य, भव्य और नव्य अयोध्याधाम को देखने की हरसत हर कोई पाले हुए है। लोगों ने वहां पहुंचने की योजना भी बनाई है लेकिन यातायात का सीधा साधन न होना भक्तों की राह में रोड़ा बन रहा है। चंदौली से सीधी बस सेवा नहीं है। वहीं पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से अयोध्या के लिए साप्ताहिक लेकर कुल पांच ट्रेनें ही हैं। उनमें भी 27 जनवरी तक सीटें फुल हैं।
राम जन्म भूमि पर लोगों की आकांक्षा के अनुरूप भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। 22 जनवरी को यहां रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव है। राम मंदिर के साथ ही पूरी अयोध्या को सजाया गया है। दिव्य, भव्य और नव्य अयोध्या दर्शन के लिए भक्तों को निमंत्रण पत्र भी बांटे जा रहे हैं। हर कोई अयोध्या पहुंचे इसके लिए यातायात साधनों का विकास भी किया जा रहा है। इतने बड़े आयोजन को लेकर हर किसी के मन में अयोध्या पहुंचने की लालसा जगी है लेकिन चंदौली से सीधी यातायात व्यवस्था न होने को लेकर लोगों में नाराजगी। यदि रेल मार्ग की बात करें तो हावड़ा दिल्ली रूट पर अति व्यस्त पं दीनदयाल उपाध्याय से अयोध्या धाम जाने के लिए रोजाना चार ट्रेनें चलती हैं। वहीं एक ट्रेन साप्ताहिक है। वर्तमान में सभी ट्रेनों में सीट को लेकर मारामारी की स्थिति है।
जम्मूतवी एक्सप्रेस, गंगा सतलज, दून एक्सप्रेस और फरक्का में 27 जनवरी तक कोई सीट उपलब्ध नहीं हैं। वहीं साप्ताहिक कोटा पटना एक्सप्रेस में फरवरी के पहले सप्ताह तक स्लीपर, इकॉनामी एसी, थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी में वेटिंग है। वहीं चंदौली में बस डिपो नहीं है। हालांकि यहां से बसें चलती हैं। चंदाैली से लखनऊ के लिए दो बसें चलती है लेकिन यह भी अयोध्या होकर नही जाती है।
चंदौली जनपद से अयोध्या धाम की दूरी मात्र ढाई सौ किमी दूर है। हालांकि इतनी दूरी तय करने में ट्रेनों को भी पांच से छह घंटे का समय लगता है। वहीं सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्चा 731 से 246 किमी, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से 311. 9 किमी और एनएच 28 व पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को मिलाकर 291.9 किमी है। बावजूद इसके सार्वजनिक साधन के लिए भी चंदौली के लोगो को वराणसी पर आश्रित होना पड़ता है।
पीडीडीयू नगर। चंदौली जनपद की आबादी लगभग 21 लाख से अधिक है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण आंदोलन में भी यहां के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी निभाई थी। यहां से बड़ी संख्या में लोगों ने अयोध्या जाने का मन बनाया है लेकिन साधन का अभाव खल रहा है।
अलीनगर निवासी विपिन त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या में भव्य मंदिर को देखने की इच्छा है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद 24 जनवरी को अयोध्या पहुंचने की इच्छा थी लेकिन ट्रेन में फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद ही सीट मिल रही है। कहा कि रेलवे को यहां से एक सीधी ट्रेन अयोध्या के लिए चलानी चाहिए। शाहकुटी निवासी कृष्णा जायसवाल ने कहा कि चंदौली से सीधी बस सेवा न होने से भी दिक्कत हो रही है। मवई खुर्द निवासी रामसेवक यादव और पराहूपुर निवासी सचिन जायसवाल ने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद वहां पहुंचने वालों की संख्या में अत्यधिक इजाफा होगा। ऐसे में यहां से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और सीधी बस सेवा करनी चाहिए।