पड़ाव। जलीलपुर नईबस्ती लाइन पार क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर शुक्रवार की देर शाम ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रेलवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइप लाइन को कई दिनों बाद भी ठीक नहीं किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने रेलवे विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे विभाग की लापरवाही के कारण पिछले चार दिनों से करीब 200 घरों की पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। भीषण गर्मी में लोगों को दूर-दराज से पानी लाकर किसी तरह काम चलाना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। भारत सरकार की ओर से रेलवे चौड़ीकरण के तहत दो नई पाइप लाइन परियोजनाओं पर कार्य कराया जा रहा है। इसी दौरान नई बस्ती लाइन पार क्षेत्र में करीब 15 वर्ष पूर्व स्वजल धारा मिशन योजना के तहत कराई गई बोरिंग की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसी पाइप लाइन से लगभग 200 घरों में पेयजल की आपूर्ति होती थी। ग्रामीणों का कहना है कि पाइप लाइन टूटने के बाद इसकी शिकायत मौखिक रूप से रेलवे विभाग के अधिकारियों से की गई थी, लेकिन अब तक कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई। शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण एक मकान के समीप जुट गए और रेलवे विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक पाइप लाइन को दूसरे रूट से जोड़कर अस्थायी रूप से पानी की आपूर्ति बहाल कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। सूचना मिलते ही मुगलसराय विधायक प्रतिनिधि संजय पासवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।प्रदर्शन के दौरान शमा परवीन ने कहा कि रेलवे विभाग को पाइप लाइन तोड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बिना तैयारी के पाइप तोड़ देने से सैकड़ों परिवार संकट में आ गए हैं। निसार अहमद ने कहा कि भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं, ऐसे में जल निगम और रेलवे विभाग को तत्काल समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। गुलाबी देवी ने कहा कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।वहीं शुभम सेठ ने कहा कि समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समाधान कराने की कोशिश नहीं कर रहा है। प्रदर्शन करने वालों में दशरथ सेठ, संतोष जायसवाल, मिंटू मौलवी, शमा परवीन, सरोज, विकास, देवांशी, संतोष कुमार, गुलाबी देवी, शुभम सेठ समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।