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सात समंदर पार भी पहुंचा बहनों का प्यार, भेजी 50 हजार राखियां

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पीडीडीयू नगर। रेशम के धागों ने सोशल मीडिया पर चल रही वर्चुअल राखियों के क्रेज को बौना साबित कर दिया है। वाट्सएप, फेसबुक, स्काइप, टेलीग्राम जैसे बड़े सोशल प्लेटफार्म को छोड़कर बहनों ने भाइयों की कलाइयां सजाने के लिए डाक से रंग-बिरंगी राखियां भेजना पसंद किया है। विभिन्न देशों में अब तक हजारों राखियां भेजी गई हैं। डाक विभाग भी इसके लिए मुस्तैद रहा है।
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राखी का क्रेज विदेशों में भी खूब है। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों से अब तक लगभग 50 हजार राखियां विदेशों में भेजी गईं हैं। रक्षाबंधन के दिन भी डाक वितरण के विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि किसी भाई की कलाई सूनी न रहे। कहा कि वाराणसी से विदेशों के लिए भी स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक द्वारा राखियां भेजी जा रही हैं। नगर स्थित डाकघर के पोस्टमास्टर अरविंद कुमार पटेल ने बताया कि लगभग 100 राखियां विदेशों के लिए बुक की गईं हैं। इनमें ज्यादातर राखियां संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, फ़्रांस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा आदि देशों में भेजी गई हैं। वहीं विदेशों में रह रही बहनों ने भी अपने भाइयों के लिए राखी भेजी है। बताया कि डाक विभाग ने राखी डाक की बुकिंग के साथ स्पेशल शार्टिंग और इनके त्वरित वितरण के लिए डाकघरों से लेकर रेलवे मेल सर्विस और नेशनल शार्टिंग हब में विशेष प्रबंध किए गए हैं।
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