पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कूढ़े खुर्द गांव स्थित एक घर से बृहस्पतिवार की सुबह लापता हुए ढाई वर्षीय अयान का शव शुक्रवार की दोपहर उसी के घर के पीछे पोखरी में उतराया मिला। मासूम का शव मिलते ही घर में कोहराम मच गया। लोगों ने पोखरी से शव को बाहर निकाला। सूचना के बाद सीओ पीडीडीयू नगर समेत मुगलसराय कोतवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। अयान के दादा हरिनारायण यादव ने उसकी हत्या की आशंका जताई है। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कूढ़े खुर्द गांव निवासी विश्वनाथ यादव की पुत्री प्रीति यादव की शादी पांच वर्ष पूर्व गहमर थाना क्षेत्र के सेवराई गांव निवासी सत्यप्रकाश से हुई थी। दोनों से एक पुत्र अयान था। बुधवार को प्रीति व उसके पुत्र अयान को विश्वनाथ अपने साथ सेवराई से कूढ़े खुर्द लेकर आये थे। बृहस्पतिवार की सुबह अयान घर से संदिग्ध हाल में लापता हो गया। अयान के लापता होते ही परिवार में खलबली मच गई। सभी लोग उसे ढूंढने में लग गये। अयान की तलाश में परिवार ने गलियों में लाउडस्पीकर से इसकी सूचना प्रसारित कराई। उधठर, अयान के चाचा, दादी व अन्य लोग भी गहमर से कूढ़े खुर्द पहुंच गये। अयान की अभी तलाश की ही जा रही थी कि शुक्रवार की दोपहर उसके चाचा को घर के पीछे तालाब में पीले रंग की शर्ट दिखाई दी। इसके बाद उसने इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी। मौके पर पहुंचे परिवार के लोग जब तालाब में घुसे तो अयान मृत हाल में मिला। लोगों ने शव को तालाब से बाहर निकाला। अयान की मौत की सूचना से पूरे गांव में मातम पसर गया। सूचना के बाद सीओ पीडीडीयू नगर अनिरुद्ध सिंह, मुगलसराय कोतवाली प्रभारी संतोष श्रीवास्तव समेत पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश पटेल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे गये। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ ने बताया कि बच्चे के लापता होने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को कूढ़े खुर्द पहुंचे अयान के दादा हरिनारायण यादव ने बताया कि उनका पोता दिनभर उन्हीं के पास रहता था। बताया कि बुधवार को उसके नाना अयान का ठीक से ख्याल रखने की बात कहकर उसे अपने साथ लेकर आये थे। हरिनारायण रोते हुए बार-बार यही कह रहे थे कि अब के हमके बाबा कहकर बुलाई । अयान बुधवार को अपने नाना के साथ कूढ़े खुर्द गांव आया था। गांव में आने के बाद अयान ने अपनी चंचलता से सबका मन मोह लिया था। दो दिनों में ही अयान सबका दुलारा हो गया था। हर कोई अयान को याद कर रहा था। परिवारवाले मासूम के लिए बिलख रहे थे। संवाद