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Chandauli News: विज्ञापनों के बोझ तले दबा शहर, अवैध होर्डिंग्स से ‘स्वच्छता’ के दावों पर लगा दाग

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बिजली के खंभे पर लगे अवैध होर्डि़ंग्स। संवाद
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जौनपुर। नगर पालिका परिषद एक ओर ‘स्वच्छ शहर-सुंदर शहर’ का नारा दे रही है तो दूसरी ओर शहर की सड़कों और खंभों पर लटके अवैध होर्डिंग्स इस दावे की पोल खोल रहे हैं। शहर को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने 83 यूनिपोल तो लगाए हैं लेकिन इसके बावजूद तिराहों-चौराहों पर अवैध बैनरों और पोस्टरों की बाढ़ आ गई है, जिससे शहर की सूरत बिगड़ रही है।नियमों के मुताबिक, शहर में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाने के लिए निकाय से अनुमति लेना और उस पर लगाने व हटाने की तिथि अंकित करना अनिवार्य है। लेकिन कचहरी मार्ग, पॉलिटेक्निक चौराहा, वाजिदपुर, जेसीज, ओलंदगंज और टीडी कॉलेज मार्ग जैसे व्यस्त इलाकों में स्थिति इसके उलट है। यहां प्रतिष्ठानों और नेताओं की छोटी-छोटी होर्डिंग्स ने खंभों को पाट दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका का अतिक्रमण हटाओ अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित है। अवैध होर्डिंग्स हटाने की सुध प्रशासन को केवल चुनाव के वक्त आती है। बाकी समय पूरा शहर विज्ञापनों के मलबे से ढका रहता है। सब्जी मंडी से लेकर सद्भावना पुल तक लटके ये अवैध बैनर न केवल सुंदरता बिगाड़ रहे हैं, बल्कि हवा में झूलते हुए राहगीरों के लिए खतरा भी बन सकते हैं। नगर पालिका के अनुसार, शहर में होर्डिंग व बैनर लगाने की जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की ही है। शहर में 200 से अधिक होर्डिंग, बैनर लगाए गए हैं। जबकि करीब 83 होर्डिंग, पोस्टर व बैनर वैध हैं, बाकी सब अवैध तरीके से लगाए गए हैं। विभाग स्थान व साइज के हिसाब से दो से तीन किस्तों में इनसे शुल्क वसूलता है। साथ ही समय से किस्त न भरने और अवधि समाप्त होने के बाद भी होर्डिंग को स्थान से न हटाने पर कार्रवाई करता है।

बिजली के खंभे पर लगे अवैध होर्डि़ंग्स। संवाद

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