धानापुर। लखनऊ में सड़क दुर्घटना में मृत कस्बा के पठान टोली निवासी आसिफ को मंगलवार की सुबह अश्रुपुर्ण नेत्रों से सम्मान के साथ सुपुर्द ए खाक किया गया। इसके पहले जवान की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ा। वहीं देर रात शव आते ही परिवार सहित कस्बे में शोक की लहर दौड़ पड़ी। कस्बा के पठान टोली निवासी आसिफ की शादी छह नवंबर 2018 को गाजीपुर के बयपुर कसेरा गांव निवासी रेशमा खातून के साथ हुई थी। वहीं वर्ष 2012 में ट्रेनिंग के बाद आसिफ की पहली पोस्टिंग उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुई। 2013 में जम्मू काश्मीर में पहुंचे और 2017 में बहराईच तथा 2020 में राजधानी लखनऊ में तैनात रहे। रविवार की रात आसिफ ने बड़े भाई से फोन पर बात कर कुशल मंगल पूछा और बताया कि छूट्टी के लिए आवेदन कर दिया है और जल्द ही वापस आउंगा। रात दस बजे सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आधी रात के करीब घर वालों को आसिफ के मौत की खबर मिली। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद जवान आसिफ का शव सेना की गाड़ी से भोर में लगभग तीन बजे पहुंचा। यहां परिवार और पास-पड़ोस के लोगों नें कंधा देकर गाड़ी से उतारा। जौहर की नमाज के बाद शरीर को शहीद पार्क ले जाया गया। यहां लोगों ने जवान के अंतिम दर्शन किए। वहीं सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। इसके बाद जमानियां स्थित कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द ए खाक किया गया।