नौगढ़। क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोगों का छत पर जाना मुश्किल हो गया है। एक महीने में बंदरों ने कई लोगों पर हमला किया है। कई लोगों को नोच लिया तो कई भागने में जख्मी हो गए। आए दिन बंदरों के हमले की घटनाएं हो रही हैं। बंदर खाने-पीने की वस्तुएं घर से लेकर भाग जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग में भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बीते 23 मई को कस्बा निवासी मनोज केशरी की पत्नी सीमा को छत पर बंदरों ने दौड़ा दिया। भागने के चक्कर में वह सीढि़योंं से गिर गई जिससे उनका पैर टूट गया । इसी तरह बीते दिनों छत पर बच्ची मुस्कान व संजय की पुत्री निशा को बंदरों ने घेर कर काट लिया था। क्षेत्र के पंकज मद्धेशिया, दीपक गुप्ता, पारसनाथ खरवार ,विजय पांडे ,देवेंद्र साहनी ,रतन केशरी ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों की संख्या 200 से अधिक है, जिससे आए बंदर किसी न किसी को काट ले रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी रिजवान खान ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजड़ा उपलब्ध करा दिया जाएगा। ग्रामीण सहयोग करें तो कुछ बंदर पकड़े जा सकते हैं। चिकित्सा अधीक्षक अवधेश पटेल ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज की सबसे ज्यादा डोज बंदर के काटने से हुए जख्मी लोगों में प्रयोग किया जा रहा है। बंदरों के काटने के मरीज क्षेत्र से ज्यादा आ रहे हैं।