नौगढ़। वाइल्ड लाइफ और वन विभाग के लिए तेंदुआ का पाया जाना भले अच्छी खबर हो पर बुधवार को तेंदुआ दिखने के बाद नौगढ़ इलाके के लोगों में दहशत है। शुक्रवार को भी चंदप्रभा अभयारण्य में कोइलरवा हनुमान मंदिर से लेकर आबादी के आसपास विचरण करते हुए तेंदुआ दहाड़ता रहा। ऐसे में बस्ती के लोग दशहत में आ गए हैं। बुधवार को जंगल में आए तेंदुए से जो दहशत फैली, उसे लेकर वन विभाग होमवर्क कर रहा है। पिछले साल बीएचयू के विशेषज्ञों की एक टीम के जरिए वन विभाग ने सेंक्चुरी क्षेत्र में तेंदुओं के अन्य वन्यजीवों की गिनती कराई थी। टीम के द्वारा सात तरह के अलग-अलग फुट प्रिंट कलेक्ट किए। यह गिनती सीमित क्षेत्र में थी। इसलिए संख्या इससे अधिक होने का अनुमान हुआ। विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि फुट प्रिंट के साइज से तेंदुओं के बारे में पता चल रहा है। कुछ बड़े हैं तो कुछ छोटे भी हैं। इनमें नर और मादा दोनों हैं। लिहाजा ब्रीडिंग भी हो रही है। डीएफओ दिनेश सिंह ने बताया कि जंगल में तेंदुआ प्राकृतिक वास स्थल में विचरण कर रहा है। तेंदुआ खुद के बचाव में ही हमलावर होता है। यही वजह है कि वह आमतौर पर खतरनाक जानवर नहीं है। रात में अपना शिकार करता है और ओझल हो जाता है। लोगों का डर दूर करने के लिए वन विभाग जागरूकता अभियान चलाएगा।