सैयदराजा। रेलवे फ्रेट कॉरिडोर योजना के तहत सैयदराजा बाजार के मुख्य फाटक के उत्तर पटरी के तरफ रेल की जमीन पर अतिक्रमण कर बसे लोगों के मकानों को तोड़ा जाएगा। इसके लिए बुधवार की सुबह पोकलेन, डोजर और जेसीबी लेकर रेलवे और जिला प्रशासन की टीम पहुंच गई। मकानों को तोड़ने का काम शुरू किया गया लेकिन बाद में भू स्वामियों की आग्रह के बाद एक सप्ताह का समय दिया गया। इसके बाद टीम वापस हुई। इसके पूर्व चार घंटे तक वहां खलबली की स्थिति रही। रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के तहत नगर में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होना है। इसकी जद में 12 मकान आ रहे हैं। इसमें बीस परिवार रह रहे हैं। इन मकानों का लंबे समय से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिग्रहण पूरा हो चुका है लेकिन दूसरी तरफ भूमि मालिकों का आरोप है कि अभी तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। मंगलवार को मकान मालिकों ने डीएम से मुआवजा के लिए गुहार लगाई थी। इसी बीच बुधवार की सुबह नौ बजे रेलवे की टीम जेसीबी, पोकलेन लेकर पहुंच गए। इसमें सिर्फ एक मकान खाली रहा, जबकि अन्य में लोग रह रहे थे। खाली मकान को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इसी बीच अन्य लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। रेेलवे की सूचना पर सदर एसडीएम विजय नरायन सिंह सहित अन्य लोग पहुंच गए। लोगों को बताया कि आप लोगों को एक महीने पहले हाईकोर्ट से मामला खारिज होने के बाद आप लोगों को लगभग पंद्रह दिनों का समय मकान खाली करने का मिला था। मगर आप लोग मकान खाली नहीं कर पाए हैं। जो भी मकान खाली है उनका ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इस पर मकान मालिकों ने एक सप्ताह में मकान खाली करने को कहा। लिखित रूप से देने के बाद रेलवे के अधिकारियों को समय दिया। चेतावनी दी कि गई कि अब तीस दिसंबर को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके पूर्व मौके पर लोगों की भीड़ रही। इस संबंध में एसडीएम विजयनरायन सिंह ने कहा कि लोगों की मांग पर एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद फिर से अभियान चलाया जाएगा।