चंदौली। बेसिक स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने के मामले में अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद अब प्राइमरी और मीडिल स्कूलों में नौकरी करने वाले शिक्षकों, संविदा शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन होगा। खासकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री व दिव्यांग सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर विशेष नजर है। बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सत्यापन के लिए गठित ब्लाक स्तरीय समिति शिक्षकों के अभिलेखों की जांच पड़ताल कर रही है। जिले के सभी नौ ब्लाकों पर बीआरसी पर मूल अभिलेख और उसकी दो प्रति शिक्षकों से जमा कराया जा रहा है। शासन स्तर पर एसआइटी भी जांच कर रही है और उनके निशाने पर दिव्यांग सर्टिफिकेट व संपूर्णानंद विश्वविद्यालय की डिग्री पर नौकरी पाने वाले शिक्षक हैं। ऐसे शिक्षकों का डाटा तैयार किया जा रहा है। बीएसए का कहना है कि अब तक जिन शिक्षकों ने सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा कर दिए हैँ उनके प्रमाणपत्रों को संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजकर दोबारा सत्यापन कराया जाएगा।