पारा गिरने के साथ ही गुरुवार को ठंडक और गलन में तेजी से बढ़ोत्तरी हो गई है। पारा अधिकतम 18 और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तेज सर्द हवाओं ने गलन इस कदर रही कि लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेटकर घरों में लौटे। वहीं चट्टी-चौराहों पर कम संख्या में अलाव जलने से भी लोगों को दिक्कत रही। अचानक ठंड बढ़ने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जनपद में पिछले दो दिनों तक मौसम बिल्कुल साफ रहा सुबह ही लोगों को भगवान भास्कर के दर्शन हो जा रहे थे। मौसम के मिजाज को देख ऐसा लग रहा था कि ठंडी अब लौट रही है, लेकिन दोपहर बाद जैसे-जैसे शाम ढलती गई, उसी रफ्तार से पारा तेजी से नीचे लुढ़कता गया और शाम होते-होते तेज सर्द हवाओं ने ठंडक और गलन को बढ़ा दिया। आलम यह था कि गलन व ठंड से लोग कांपते नजर आए और खुद को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों से ढंक लिया। कमालपुर, धानापुर, चहनियां, धीना, कंदवा, नियामताबाद, दुलहीपुर, पड़ाव, बबुरी, शहाबगंज, इलिया आदि संवाददाताओं के अनुसार क्षेत्र में ठंडक इतनी जबरदस्त थी कि लोग शाम को ही अपने-अपने घरों के अंदर कैद होने को विवश हो गए। लोग खुद को ठंड से बचाने के लिए अलाव का भी सहारा ले रहे हैं, जो लोगों को काफी राहत दे रही है।