कोतवाली क्षेत्र के बथावर गांव के धर्मकाटा के पास शनिवार की देर रात अज्ञात वाहन ने बाइक सवार रेलवे स्टेशन मास्टर शारदा रंजन (51) को कुचल दिया। इससे उनकी मौत हो गई। वह वर्तमान में मुगलसराय के मटकुट्टा सहरोई स्टेशन पर तैनात थे। वाहन की टक्कर के बाद ग्रामीणों की मदद से कोतवाली पुलिस ने उन्हें सकलडीहा सीएचसी पहुंचाई। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
बिहार के नालंदा शहर के मंडाक्ष गांव के शिव प्रसाद के दो पुत्र शारदा रंजन और राकेश रंजन हैं। शारदा रंजन मुगलसराय के मटकुट्टा सहरोई में रेलवे स्टेशन मास्टर थे। उनकी पत्नी नूतन पटेल सकलडीहा बाल विकास परियोजना कार्यालय में वरिष्ठ पटल सहायक हैं। शारदा रंजन सकलडीहा कस्बा के अलीनगर तिराहे पर एक किराये के मकान में पत्नी व एक पुत्री स्मृति रंजन और एक पुत्र श्रेयश रंजन के साथ रहते थे। शनिवार को रात में वह बाइक से ड्यूटी के लिए जा रहे थे। ताजपुर के आगे बथावर गांव के पास एक धर्मकाटा के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तेंदुईपुर गांव का एक युवक पहचान लेने पर अपने वाहन से सकलडीहा सीएचसी पुलिस की मदद से लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी होने पर रोते बिलखते पत्नी और बच्चे सीएचसी पहुंच गए। रेलवे विभाग के कई अधिकारी और सहयोगी भी सूचना मिलने पर पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों की सहमति पर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस बाबत थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि अज्ञात वाहन की टक्कर से रेलवे स्टेशन मास्टर की मौत हो गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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पत्नी ने मैच देखकर जाने को कहा, पर जीत की दुआ कर ड्यूटी के लिए निकले
रेलवे स्टेशन मास्टर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रहे विश्वकप का फाइनल मैच देख रहे थे। ड्यूटी का समय होने पर वह भारत की जीत की दुआ करते हुए ड्यूटी के लिए रवाना हो गए। पत्नी नूतन पटेल रोक रही थी कि मैच देखकर जाएं। लेकिन ड्यूटी का हवाला देकर वह रवाना हो गए। काश पत्नी की बात मान लेते तो शायद जान बच जाती। यह सोचकर पत्नी और बच्चों के आंसू नहीं रुक रहे थे।