पड़ाव पर मिट्टी परीक्षण के लिए मशीन ले जाते कर्मी। संवाद
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पड़ाव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत मालवीय ब्रिज के समांतर सिग्नेचर पुल प्रस्तावित है। इसके लिए मंगलवार को अवधूत भगवान राम समाधि स्थल के समीप गंगा घाट के किनारे की मिट्टी के नमूने लिए गए। इसके लिए अधिकारियों द्वारा मशीन से खुदाई कर मिट्टी का नमूना लिया गया।
ठेकेदार आशुतोष ने बताया कि काफी गहराई तक खोदाई कर मिट्टी ली गई है। अभी अलग-अलग गहराई तक से भी मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। सभी को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि पुल के पिलर की मजबूती कितनी हो सकती है। बताते चलें कि सिग्नेचर पुल बन जाने के बाद सभी सहूलियत होंगी। दरअसल मालवीय ब्रिज के जर्जर होने के कारण पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। ऐसे में वाहनों को पड़ाव से रामनगर के लिए होकर बाईपास होकर आगे जाना पड़ता है। पुल बन जाने से वाराणसी और चंदौली की दूरी काफी हद तक कम होने के साथ ही आए दिन पड़ाव में लग रहे जाम से मुक्ति मिलने की संभावना है।