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Chandauli News: 1500 किसानों के खेतों की मिट्टी खराब

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चंदौली। जिले के किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराने के बाद ही धान की रोपाई शुरू करें। उसी अनुसार उर्वरक का प्रयोग करें, ताकि मिट्टी के जीवाश्म और उर्वरा शक्ति बनी रहे। ज्यादातर रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो रही है। ऐसे में मिट्टी की जांच करना बहुत जरूरी है। जनपद में किसानों के मिट्टी जांच के लिए 9000 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। विभाग ने उसे पूर्ण करते हुए 1500 किसानों के मिट्टी की जांच रिपोर्ट देते हुए उन्हें उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी है, ताकि फसल का उत्पादन कर सके। जिले में कुल 1 लाख 27 हजार से अधिक हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें विभिन्न फसलों के उत्पादन शामिल है।इसमें प्रमुख रूप से धान की खेती 1 लाख 7000 हजार से अधिक है। जनपद में मिट्टी की जांच के लिए चंदौली, बरहनी, सकलडीहा, धानपुरा, नौगढ़, चकिया, नियमताबाद, शहाबगंज,चहानिया ब्लॉक शामिल है। चहनिया ब्लॉक को आकांक्षात्मक ब्लॉक के तौर पर चयन किया गया है। वहीं कृषि विभाग के मृदा प्रयोगशाला ने इस वित्तीय वर्ष 24-25 में कुल 9000 किसानों के मिट्टी की जांच कर लक्ष्य निर्धारित किया है।इसमें प्रत्येक ब्लाक एक हजार प्रति ब्लॉक लक्ष्य है। वहीं विभाग की ओर से तीन महीने में 9000 सैंपल का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। इसमें सबसे अधिक चहानियां ब्लॉक में सैंपल लिया गया है, जहां 900 किसानों के मिट्टी के सैंपल लिए गए थे। सभी की रिपोर्ट उपलब्ध करा दिए गए। वहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मिट्टी के गुणवत्ता अच्छी हो और किसानों को अच्छी फसल उत्पादन करने में सहायक हो। वही 55 किसानों ने अपने से मुख्यालय स्थित कृषि उपनिदेशक कार्यालय के मिट्टी प्रयोगशाला में स्वयं मिट्टी जांच के लिए दी है। इसका निर्धारित शुल्क 102 रुपए रखा गया है।
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