स्थानीय नगर पंचायत के वार्ड नंबर तीन हसरत मोहानी नगर में रविवार की सुबह पंप से पानी भरते समय करंट की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। घटना से परिवार वालों में कोहराम मच गया। बाद में परिवार वालों ने पुलिस को सूचित किए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। महिला का पति छह साल पहले ही बिमारी के कारण चल बसा था। अब महिला के भी न रहने से पांच बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। बच्चे अनाथ हो गए।
गांव निवासी किताबुन (50) पत्नी स्वर्गीय शकील अपने दो बेटे और तीन बेटियां यानी कुल पांच बच्चों केे साथ घर में रहती थी। शकील की छह वर्ष पहले ही गंभीर बिमारी के कारण मौत हो गई थी। रविवार की तड़के सुबह किताबुन पानी भरने के लिए पंप मशीन चलाने गई थी। उसने मशीन ऑन किया। इस बीच कहीं से तार कटा था और मशीन में करंट उतरने लगा। पानी भरने के लिए जैसे ही उसने हाथ लगाया वह करंट की चपेट में आ गई। घर के सभी सदस्य सोए हुए थे ऐसे में किसी ने उसकी चीख नहीं सुनी और महिला की मौत हो गई।
परिवार वालों की नींद खुली और किताबुन को पंप के पास अचेत देखा तो लाइन काटी और उसे अलग किया। इसके बाद किताबुन को निजी अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से परिवार मे कोहराम मच गया। किताबुन के तीन बेटे नसीम (25), वसीम (20) , नईम (15) और दो बेटियां नगीना (13), मदीना (26) अनाथ हो गए हैं। परिवार वालों ने पंचायत के बाद पुलिस को सूचित किए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया।