पीडीडीयू नगर। जनसंघ के संस्थापक और एक देश में दो विधान, दो निशान का विरोध करते हुए अपना बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को रविवार को याद किया गया। इस मौके पर श्यामा प्रसाद को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों और योगदान पर चर्चा की गई। भाजपा के पीडीडीयू नगर अध्यक्ष कुंदन सिंह के नेतृत्व में कैलाशपुरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया। इस मौके पर अनिल गुप्ता गुड्डू, सभासद निधि तिवारी, आलोक सिंह, विशाल तिवारी, भरत चौहान, संजय राय, जयकिशन, मदन ओझा, आशुतोष मिश्र आदि थे। इसी तरह चंदासी, मैनाताली, पूर्वी बाजार, मुगलचक, अलीनगर, नई बस्ती, शाहकुटी, महमूदपुर में भी डॉ. श्यामा प्रसाद को श्रद्धांजलि दी गई। चकिया स्थित आदित्य पुस्तकालय में विधायक कैलाश आचार्य के नेतृत्व में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी गई। इसमें विधायक ने कहा कि महान चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद राष्ट्रप्रेमी और देश को एकता के सूत्र में बांधने के पक्षधर थे। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए श्याम प्रसाद ने आंदोलन चलाया था। इस मौके पर प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुरेंद्र सिंह, चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव, महामंत्री उमाशंकर सिंह, मंडल अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह, रामदुलारे गोंड आदि मौजूद थे। इसी तरह धानापुर क्षेत्र के राम जानकी कुटिया भदाहु में भी जनसंघ के संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्य अतिथि विधायक सुशील सिंह ने ने कहा की श्यामा प्रसाद ने कश्मीर से धारा-370 को हटाने के लिए व्यापक आंदोलन किया था। राष्ट्र हित के लिए उन्होंने अपने जीवन का बलिदान कर दिया। इसके बाद उन्होंने पौधरोपण किया। इस मौके पर सत्यवान मौर्या, राजेश सिंह, प्रवीण सिंह, उमाशंकर, त्रिभुवन सिंह, सचिदानंद पांडेय, रामेश्वर सिंह और उदयभान पांडेय आदि मौजूद थे।