चंदौली। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर एसपी आकाश पटेल ने चंदौली के प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं की गई। पुलिस की इसी लापरवाही का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने न्यायालय से गिरफ्तारी पर रोक (अरेस्ट स्टे) हासिल कर लिया। मामले में वादी पक्ष ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि आरोपी संगठित गिरोह के सदस्य हैं। पूर्व में भी इनके द्वारा जानलेवा हमला किया जा चुका है। चंदौली में साल 2025 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले में शामिल सभी आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। अमन उर्फ शुभम निवासी मझवार पर हत्या के प्रयास, एससी-एसटी एक्ट और गैंगस्टर सहित 9 प्राथमिकी दर्ज है। रिशू उर्फ रितेश निवासी मझवार पर हत्या के प्रयास व गैंगस्टर सहित सात प्राथमिकी दर्ज है। गोलू उर्फ ओम शिवम निवासी जेवरियाबाद पर तीन प्राथमिकी दर्ज है। शुभम पांडेय निवासी मझवार पर हत्या के प्रयास में चार मुकदमे दर्ज है। सिद्धार्थ सिंह उर्फ आर्यन मझवार खास निवासी गैंगस्टर सहित चार मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि इतने गंभीर अपराधिक इतिहास के बावजूद थानास्तर पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तत्परता नहीं दिखाई गई।