नियामताबाद के रेवसा के समीप दुर्घटना में घायल का इलाज करते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
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नियामताबाद। अलीनगर थाना अंतर्गत रेवसा गांव के समीप एनएच-2 पर सोमवार की सुबह साढ़े छह बजे बोकारो से वाराणसी जा रही यात्री बस बेकाबू होकर पलट गई। कोहरे की वजह से आगे का रास्ता न दिखने की वजह से हादसा हुआ। बस में सवार सात लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अन्य यात्रियों को दूसरे साधन से वाराणसी भेजा गया। इस दौरान मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। क्रेन से बस को हटाकर आवागमन शुरू कराया गया। झारखंड के बोकारो से सवारी लेकर वाराणसी जा रही निजी बस सुबह रेवसा गांव में निर्माणाधीन अंडर पास के पास पहुंची थी। घने कोहरे और धुंध के चलते चालक को दूर तक नहीं दिख रहा था। ऐसे में अचानक अंडर पास आने पर चालक ने ब्रेक लगाया। इससे बस बेकाबू हो गई और एक तरफ पलट गई। इससे यात्रियों की चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आस पास के ग्रामीण जुट गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से बस का शीशा तोड़कर फंसे लोगों को बाहर निकाला। बस में बीस लोग सवार रहे। इसके बाद गंभीर रूप से चोटिल वाराणसी के निशांत (42), नेपाल के रतन ( 57), झारखंड के गोपाल नायक (58), हाजीपुर के रमाशंकर कुशवाहा (50), झारखंड की मीना (48), नई दिल्ली के मोतीलाल (55) और अनीता (50) सहित सात लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल कर दूसरे साधन से वाराणसी भेजा गया। वहीं दुर्घटना से बीच सड़क पर जाम की स्थिति हो गई। बाद में क्रेन से बस को हटवाकर यातायात शुरू कराया गया। सीओ सदर अनिल राय ने बताया कि बस पलटने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने यात्रियों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से जख्मी यात्रियों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।