फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले सात गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से कई कंपनियों के फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए। उन्होंने चंदौली के 12 युवकों से 22 लाख रुपये की ठगी की है जबकि बिहार और झारखंड के 36 बेरोजगार युवाओं को लाखों का चूना लगा चुके हैं।
विज्ञापन


एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले करीब 12 युवकों की शिकायत के आधार पर साइबर सेल और अलीनगर थाने की पुलिस ने बेरोजगारों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह के सात सदस्यों को पकड़ा। मुख्य आरोपी सैयदराजा थाने के विजयनारायणपुर गांव का अभिषेक पांडेय भी शामिल है। उसके अलावा अलीनगर के कुरहना गांव का ऋषि यादव, सौरभ पांडेय, झारखंड के हर्षनाथपुर गांव का प्रमोद कुमार मंडल उर्फ बब्लू गौतम, बुद्धनगर जिले के अनिकेत राघव, अमनदीप उर्फ रोहन और दीपक राणा को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी ने बताया कि 15 सितंबर को महेवा गांव के अमित यादव, चंदरखां गांव के सुनील यादव, बगयां के पंकज कुमार यादव, प्रमोद कुमार यादव, शिवा यादव, दीपू यादव, विपिन यादव, चंद्रजीत यादव, आदित्य नरायन और अजीत कुमार यादव ने शिकायत की थी कि अभिषेक, ऋषि यादव, सौरभ पांडेय और अमनदीप उर्फ रोहन ने दिसंबर 2021 में एनटीपीसी, कृषि विभाग और झारखंड में नौकरी दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपये लेकर नियुक्ति पत्र दिया। संबंधित विभागों में जाने पर पता चला नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को चंदरखा गांव के सामने हाईवे के किनारे बंद पड़े मकान से जहां ये बैठक कर रहे थे वहीं से गिरफ्तार किया गया। जिनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन



प्रमोद मंडल है गिरोह का सरगना
पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह सरगना प्रमोद कुमार मंडल है। अभिषेक पांडेय उसका सहायक के तौर पर काम करता है। ये लोग उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठते हैं। रुपये लेने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे देते थे। इस काम के लिए अलग-अलग जगहों पर पदाधिकारी नियुक्त किए थे, जो लोगों को विश्वास में लेकर धन उगाही करते थे। उनसे प्राप्त पैसे उसको प्रमोद कुमार मंडल व अभिषेक पांडेय को भेज देते थे। अमनदीप उर्फ रोहन, अनिकेत राघव, सौरभ पांडेय, ऋषि यादव और दीपक राणा स्थानीय पदाधिकारी के तौर काम करते थे। घूम-घूम कर स्थानीय कर्मचारी नियुक्त करते हैं।
इनसेट

इन विभागों के मिले फर्जी दस्तावेज
पुलिस ने आरोपियों के पास छह मोबाइल फोन, एनटीपीसी, कृषि पशुपालन, सहकारिता विभाग झारखंड,कृषि अनुसंधान, सीआईएसफ में फर्जी प्रशिक्षण पत्र, फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, कृषि विभाग, एनसीआरटी, सेंट्रल रेलवे हास्पिटल, आईआरसीटीसी, खाद्य निगम में नियुक्ति के फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं , जिनको यूपी, बिहार और झारखंड के युवाओं के नाम जारी किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें