सीतामढ़ी में गंगा के बीच बनी रेत की टिला। संवाद
सीतामढ़ी।
गंगा नदी में रेत के टीले निकल आए हैं। गंगा का जलस्तर फरवरी में ही कम हो गया है। गंगा में अभी से ही जगह-जगह रेत के टीले दिखने लगे हैं। जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पुजारी महेश्वर शास्त्री और प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले साल की अपेक्षा वर्तमान में जलस्तर सुधार हो रहा है। सीतामढ़ी गंगा में रेत का आलम यह है कि पीपा पुल को भी दो पार्ट में बनाना पड़ा। स्थानीय निवासी संजय वर्मा का कहना है कि जलस्तर में कमी होती जा रही है। बता दें कि गंगा में अब दो धाराएं हो गई हैं। गंगा पार मिश्रपुर की ओर काफी बड़े एरिया में रेत पड़ी है। सुबह-शाम के समय बाहर से आने वाले सैलानी रेत पर टहलने के साथ नौकायन का आंनद उठाते हैं। गंगा का जलस्तर कम होने से सीतामढ़ी मिश्रपुर पीपा पुल के पास से लेकर उड़िया बाबा आश्रम तक बड़े भू-भाग में गंगा रेत के टीले निकल आए हैं।