ताराजीवनपुर। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत एक करोड आठ लाख 27 हजार की लागत से क्षेत्र के खर्रा हेड से होकर रूपेठा तक जाने वाला मुख्य मार्ग निर्माण के 15 महीने बाद ही बदहाल हो गया है। मार्ग पर बिछाई गई गिट्टियां उखड़कर किनारे जमा हो गई हैं। इससे राहगीरों में नाराजगी है।
क्षेत्र के खर्रा, महरखा, साई, धनिका होते हुए रुपेठा तक जाने वाला मुख्य मार्ग वर्षों से खराब था। ग्रामीणों की मांग पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत लगभग साढ़े पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण एक करोड़ आठ लाख 27 हजार की लागत से कराया गया। इसका लोकार्पण छह नवंबर 2022 को राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने किया था। इसका बाकायदा यहां बोर्ड भी लगा दिया गया लेकिन बनने के मात्र 15 महीने बाद ही सड़क बदहाली की अवस्था में पहुंच गई है। राहगीरों का कहना है कि बनने के बाद सड़क छह महीने भी नहीं चली और गिट्टियां उखड़कर किनारे लगने लगीं। इससे लाखों रुपए की लागत से बनी यह सड़क भ्रष्टाचार की गवाही दे रही है। इस सड़क का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों में उम्मीद जगी की कुछ राहत मिलेगी लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। उन्होंने सड़क निर्माण की जांच कराने की मांग की है।
सड़क निर्माण की जांच कराई जाएगी। कमी पाए जाने पर कार्यदायी संस्था से दोबारा सड़क बनवाई जाएगी।-दीपेश अस्थाना,एक्सईएन,प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना