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Chandauli News: हितलाभ देने में की आनाकानी, अब चुकाने होंगे 714562 रुपये

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ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता आयोग की अदालत ने बीमा पॉलिसी के तहत हितलाभ न देने पर भारतीय जीवन बीमा निगम की ज्ञानपुर शाखा के प्रबंधक के खिलाफ फैसला देते हुए दो पीड़ितों को 20 हजार 400 रुपये छह फीसदी ब्याज की दर से देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बीमा कंपनी को 2009 से लेकर 2025 तक छह फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को सात लाख 14 हजार 562 रुपये मिलेंगे। जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि पटेल नगर के कपड़ा दुकानदार रामबचन यादव, उनकी पत्नी उर्मिला देवी ने भारतीय जीवन बीमा निगम की ज्ञानपुर शाखा प्रबंधक व मंडल प्रबंधक वाराणसी के खिलाफ आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि दोनों ने दो पॉलिसियां ली, जिनमें बीमा धनराशि 51 हजार रुपये और छमाही प्रीमियम क्रमश: 1788 व 1726 रुपये था। पॉलिसी 28 मार्च 2024 को पूरी होनी थी। इसमें उन्हें पांच साल पूरा होने के बाद 20 फीसदी हितलाभ मिलना था। इस तरह उन्हें 2009, 2014 व 2019 में हितलाभ मिलना था। बताया कि बीमा कंपनी ने केवल 2019 का हितलाभ दिया। 2009 व 2014 का लाभ नहीं दिया। पीड़ित ने पाॅलिसी पूरी होने तक प्रीमियम अदा किया। इसके बाद भी कंपनी ने 2009 व 2014 का हितलाभ नहीं दिया। पूछने पर कंपनी ने कोई उत्तर नहीं दिया। इसके बाद दोनों ने बीमा कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव व विजय बहादुर सिंह की पीठ ने पीड़ितों की याचिका स्वीकार की। आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए हित लाभ की धनराशि 20400 रुपये को छह फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करने का निर्देश दिया। बीमा कंपनी को दोनों पीड़ितों को 2009 से लेकर अब तक छह फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। चेताया कि भुगतान न करने पर नौ फीसदी ब्याज की दर से भुगतान करना होगा।
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