चंदौली। निजी हों या फिर सरकारी स्कूल, अब कक्षा तीन तक निजी प्रकाशन की किताबों का संचालन नहीं कर पाएंगे। आने वाले शिक्षा सत्र में कक्षा तीन तक सिर्फ एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) की किताबों से ही पठन-पाठन कराया जाएगा। शासन स्तर पर इसकी तैयारी के संकेत मिल चुके हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने का अवसर प्राप्त होगा।
दरअसल, शिक्षाविदों की सलाह पर सरकार मान रही है कि एनसीईआरटी की किताबें बच्चों पर बोझ नहीं बनती हैं और गुणवत्तापरक शिक्षा परोसी जाती है। एनसीईआरटी की किताबें निजी प्रकाशकों की अपेक्षा काफी सस्ती होती हैं। वहीं, शैक्षिक संवर्धन को लेकर गुणवत्ता व मानक अलग-अलग होते हैं। नए शैक्षणिक सत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता बनाने और संवर्धन के लिए शासन ने यह कदम उठाया है। शासन की ओर से कक्षा तीन तक नए शैक्षणिक सत्र 2023 में एनसीईआरटी की पुस्तकों का संचालन कर दिया जाएगा। वहीं इसे वर्ष 2025-26 तक कक्षा आठ तक विस्तारित किया जाएगा। कक्षा तीन तक की किताबों सत्र चालू होने तक पहुंचाने के लिए अभी से कवायद की जा रही है।
निजी स्कूल की सांठगांठ भी होगी फेल
चंदौली। निजी स्कूल संचालक अभिभावकों की जेब पर डाका डालने के लिए अधिक कीमत वाली किताबों को थोपते आए थे। पतली किताबें का भी मूल्य सैकड़ों में पहुंचा दिया जाता था। प्राइमरी स्तर की कक्षाओं का बस्ता दो हजार तक बनता है। महज चंद किताबों की कीमत के साथ अन्य तमाम सह पाठ्य सामग्री थमा दी जाती है। किताबों को लेकर खेला जाने वाला खेल अब शासन ने बंद करने जा रहा है।
एनसीईआरटी की किताबों का संचालन कक्षा तीन तक किए जाने की तैयारी है। नए सत्र में बचे हुए समय में किताबों का प्रकाशन आदि पूरा किया जाएगा। नए सत्र से निजी व सरकारी स्कूलों में कक्षा तीन तक एनसीईआरटी की किताबें ही चलाई जाएंगी। - सत्येंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।