चकिया। स्थानीय क्षेत्र के किसानों की होने वाली समस्या में गरला जैनकुंड से सिचाई के लिए चरनी, कुलावा,चेम्बर की मरम्मत कराकर सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने शुक्रवार को अनिश्चितकालीन धरना आरंभ कर दिया। जैनकुंड की समस्या को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ गया।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव के नेतृत्व में किसानों का हुजूम जैन कुंड पर पहुंचकर धरने की शुरुआत की। धरना सभा के माध्यम से किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि चंद्रप्रभा डिवीजन की लापरवाही के चलते जैनकुंड से जुड़े गरला गांव में सैकड़ों बिगहा भूमि में धान की रोपाई नहीं हो पाई। जिसके कारण किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं कुछ निजी संसाधनों के किसानों ने किसी तरह कुछ खेतों की रोपाई की है। जो पानी के अभाव में सूख रहे हैं। जैनकुंड की सिंचाई चरनी, कुलावा, चेंबर आदि पिछले 10 वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़े हुए हैं। किसान नेताओं और किसानों द्वारा कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से लिखित व मौखिक गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि जैन कुंड की मरम्मत कर सिंचाई सुविधा बहाल नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा। धरना को यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव, धीरज श्रीवास्तव, विनय कुमार, शिवराज यादव,सुरेश मौर्या,वीरेन्द्र लाल,विनोद तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, मोहन विश्वकर्मा, घूरा यादव सहित तमाम किसान मौजूद रहे।