एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच गत दिनों से चल रहे विवाद में शुक्रवार को दो पक्ष आमने सामने हो गए। एसडीएम के विरोध में वकील तहसील परिसर में जुलूस निकाल कर नारेबाजी कर ही रहे थे कि तभी अमीन व लेखपाल संघ के लोगों ने अधिवक्ताओं के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच मौके पर पहुंची अलीनगर पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर विवाद को शांत कराया। गत एक फरवरी को एसडीएम मुगलसराय और एक अधिवक्ता के बीच किसी कार्य को लेकर उनके कार्यालय में विवाद हुआ था। इस घटना में एसडीएम ने दो अधिवक्ताओं पर होमगार्ड की पिटाई करने और कार्यालय में तोड़फोड़ का अलीनगर थाने में एक मुकदमा पंजीकृत करा दिया। इसके बाद मुगलसराय बार एसोसिएशन की ओर से डीएम और एसपी को पत्र लिखकर मुकदमा वापस लेने की मांग की गई। उधर उपजिलाधिकारी के समर्थन में अमीन व लेखपाल संघ उतर आया। शुक्रवार को तहसील के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए जुलूस निकाल एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे कि इसी बीच अमीन और लेखपाल संघ मुगलसराय के लोग भी तहसील परिसर में नारेबाजी करने लगे। इस पर दोनों पक्ष आमने सामने आ गये। उधर मुगलसराय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष स्वामी नाथ पाठक ने विज्ञप्ति जारी कर तहसील अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया है। साथ ही तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। वकीलों के प्रदर्शन में स्वामीनाथ पाठक, संतोष पाठक, निजामुद्दीन, भोला पाल, ओमप्रकाश गुप्ता, मान सिंह, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।