कंदवा। किसानों की सुविधा के नाम पर सरकार द्वारा धान खरीद में ऑनलाइन टोकन अनिवार्य किए जाने से किसान काफी परेशान हैं। सरकार की इस नई व्यवस्था को लेकर किसानों में काफी आक्रोश है। क्रय केंद्रों पर धान खरीद को लेकर आए दिन हो रहे किचकिच से ही किसान पहले ही काफी परेशान थे। जैसे तैसे करके जुगाड़ और कटौती करा कर किसान अपने खून पसीने की गाढ़ी उपज बेच पा रहे थे। शुक्रवार को सरकार द्वारा धान खरीद के लिए ऑनलाइन टोकन अनिवार्य कर दिए जाने से धान क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पहुंचे किसान काफी परेशान हुए। क्रय केंद्रों से ही किसान ऑनलाइन टोकन के लिए साइबर कैफे की ओर निकले लेकिन काफी प्रयास के बाद भी कुछ किसानों को ही चार पांच दिन बाद का टोकन मिल सका। इसे लेकर किसानों में काफी आक्रोश है। घोसवा गांव के किसान अजय सिंह बबलू का कहना है कि सरकार के आए दिन बदलते निर्णय के चलते किसानों की हालत बदहाल हो गई है। धान बेचना काफी मुश्किल हो गया है। लग रहा है सरकार की धान खरीदने की मंशा ही नहीं है। जमुड़ा गांव के किसान मनीष सिंह का कहना है कि एक तो क्रय केंद्रों पर बोरा के अभाव में खरीद बन्द थी अब सरकार के फरमान से किसानों की रही सही उम्मीद पर भी पानी फिर गया है।