चकिया। बिजली विभाग का निजीकरण बंद किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा और अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राज्य व्यापी आह्वान पर स्थानीय उपखंड अधिकारी (विद्युत) के कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। साथ ही एसडीओ को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित नौ सूत्री मांगपत्र भी सौंपा। इस दौरान आयोजित सभा में भाकप (माले) राज्य स्थाई समिति के सदस्य व जिला सचिव अनिल पासवान ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार सरकारी संस्थाओं को निजी हाथों में बेच रही है। इसी कड़ी में अब बिजली विभाग को भी निजी हाथों में बेचने की तैयारी की जा रही है। इसे बंद किया जाए। यह सरकार के मजदूर व किसान विरोधी चरित्र को उजागर करता है। वक्ताओं ने बिजली बिल 2022 वापस लिए जाने, पंजाब की तरह कृषि कार्य के लिए मुफ्त और सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट फ्री बिजली दिए जाने, बकाए बिल की वसूली में प्रताड़ना देने व कनेक्शन काटना बंद किए जाने, गरीबों को फ्री बिजली का झांसा देकर भारी और फर्जी बिल देना बंद किए जाए। रसूखदार और सरकारी संस्थाओं के लाखों के बकाया भी गरीबों से वसूली कर भरपाई करने पर रोक लगाए जाने, क्षेत्र के तमाम गांव में बस्तियों व घरों से गुजरे जर्जर तारों व खंभों को हटाने की गारंटी किए जाने, गरीबों का बिजली बिल माफ करने व फ्री बिजली दिए जाने की मांग की। अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला संयोजक रामायण राम ने कहा कि सरकार गरीबों को फ्री बिजली देने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूल रही है। जर्जर तार व खंभों की वजह से हो रही दुर्घटनाओं के प्रति सरकार लापरवाह बनी है। इस मौके पर चंद्रिका यादव, विजयी राम, परमहंस राम, रामवचन पासवान, रामकिशुन पाल, रामवचन बनवासी रहे। अध्यक्षता धर्मपाल राम ने की।
बिजली के निजीकरण के खिलाफ किया प्रदर्शन
सकलडीहा। अखिल भारतीय किसान महासभा और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को सकलडीहा विद्युत उपकेंद्र पर धरना दिया। इस दौरान विभिन्न मांगों के समर्थन में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही सभा भी की। वक्ताओं ने किसानों व गरीबों का बकाया बिजली बिल रद्द करने व पंजाब की तरह किसानों को खेती के लिए मुफ्त बिजली देने की मांग की। साथ ही उपभोक्ताओं का शोषण बंद करने व विजलेंस टीम की मनमानी पर रोक लगाने की भी मांग की। कहा कि प्रदेश सरकार के इशारे पर विजलेंस टीम गरीबों का शोषण कर रही है। आए दिन मनमाने ढंग से मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर शोषण किया जा रहा है। व्यापारी से लेकर किसान व गरीब मुकदमे और आरसी को लेकर परेशान हैं जबकि सरकारी संस्थानों पर लाखों-करोड़ों का बिल बकाया है। उनके खिलाफ कार्रवाई करने व आरसी जारी करने में विभाग लीपापोती कर रहा है। प्रदर्शन करने वालों में रमेश राय, श्रवण कुशवाहा, धर्मेंद्र मौर्य, अजीत यादव, रामप्यारे सैनी, श्याम देवी, कमला, अतवारी देवी, शंकर बनवासी, श्यामलाल रहे। संवाद