इलिया। शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत स्थानीय गांव के लोगों ने प्रधान और सेक्रेटरी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। खंड विकास अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने जरूरतमंदों का नाम सूची से हटाने का आरोप लगाया। वहीं कहा कि आवास निर्माण के बाद मजदूरी का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। गांव निवासी पिंटू गुप्ता, एखलाक, अशोक राम, अरविंद राम, सत्यनारायण, बचाऊ प्रसाद पासवान, अरमान, ढोला वनवासी, सीताराम, सजीवन का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी मिलीभगत करआवास की सूची से नाम काट दे रहे हैं। यही नहीं आवास आवंटन के बाद भी पैसे की मांग की जा रही है। आवास निर्माण के दौरान जिन मजदूरों ने काम किया है। उनकी मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। कहा कि गांव में गोशाला निर्माण के लिए ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी पैसे की मांग रहे हैं। कहा कि गांव के पिंटू गुप्ता के नाम से गोशाला स्वीकृत हुआ। प्रधान और सेक्रेटरी ने दबाव बनाकर गोशाला का निर्माण कराया। अब निर्माण सामग्री और मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। गांव की सुषमा ने बताया कि आवास बन गया है लेकिन उसकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मांग करने पर पांच रुपये देने की बात कही जाती है। ग्राम प्रधान सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि आरोप निराधार है। यह मेरे कार्यकाल के कार्य नहीं हैं। वहीं सेक्रेटरी अनिल पटेल ने भी ग्रामीणों के आरोप को सही नहीं बताया। इस मामले में खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की लिखित शिकायत मिली है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जिनकी मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है, उन्हें एक सप्ताह के अंदर भुगतान करा दिया जाएगा। पिंटू गुप्ता के गोशाला निर्माण की बात है तो ग्राम प्रधान से जानकारी ली गई है। प्रधान ने बताया कि वह मेरे कार्यकाल का नहीं है। आरोप निराधार है।