फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीवन में अभिमान से होती है पतन की शुरूआत

विज्ञापन
विज्ञापन
कमालपुर। माधवपुर के शिव मंदिर पर चल रहे श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार केे आचार्य मनोहर कृष्ण महाराज ने भक्तों को मानव उत्पत्ति की कथा सुनाई। इस दौरान सति चरित्र के माध्यम से अभिमान से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। महाराज ने कहा कि जीवन में अभिमान होते ही पतन की शुरूआत हो जाती है। आचार्य मनोहर कृष्ण महाराज ने कहा कि यदि जीव के अंदर अभिमान आएगा तो उसका पतन तय है। कहा कि माता सती के जीवन में अभिमान आया। माता सती ने माता जानकी का वेश धारण कर प्रभु श्री राम की परीक्षा लेने चल देती हैं। भगवान भोलेनाथ प्रभु श्रीराम को अपना इष्ट मानते हैं। अभिमान के कारण माता सति को भगवान भोलेनाथ से बिछुड़ना पड़ा। महाराज ने कथा के दौरान ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि ध्रुव महाराज ने सिर्फ पांच वर्ष की अवस्था में ही वन में जाकर के कठोर तपस्या की और अटल पद को प्राप्त किया। इससे ज्ञात होता है कि भजन और ज्ञान प्राप्त करने कोई उम्र नहीं होती है। इस मौके पर बाबूलाल सिंह, रामराज सिंह, भीमसेन सिंह, राजू रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें