पीडीडीयू नगर। प्रेम और सौहार्द का त्योहार ईद उल फितर जिले में पूूरी अकीदत के साथ मनाया गया। कोरोना कर्फ्यू की वजह से ईदगाहों और मस्जिदों में सामुहिक नमाज पर रोक रही। इस वजह से लोगों ने घरों में नमाज अदा की। नमाज के दौरान देश से कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने की दुआ मांगी। इसके बाद एक दूसरे के समीप पहुंच कर दूर से ही ईद की मुबारकबाद दी। शाम को मुस्लिम बंधु एक दूसरे के घर पहुंचे और सेवइयों के साथ अन्य पकवानों का आनंद लिया। इस दौरान ईदगाह और मस्जिदों में सुरक्षा के इंतजाम रहे। कोरोना की दूसरी लहर जानलेवा बनी हुई है। इससे बचाव के लिए प्रदेश सरकार ने तीन मई से 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू घोषित कर दिया। ऐसे में मस्जिदों और ईदगाहों में भी नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई। ऐसे में एक माह के रोजे के बाद शुक्रवार की सुबह लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की गई। इससे मुस्लिम समुदाय के लोगों में कुछ मायूसी देखी गई। हालांकि त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह बना रहा। शुक्रवार को अलविदा की नमाज अदा करने के बाद से ही ईद की तैयारियां शुरू हो गई थी। बच्चों के लिए नए कपड़े, तो बड़ों ने लुंगी, जालीदार टोपी, महिलाओं ने आर्टिफिसियल गहने, नए कपड़े आदि खरीदे। इसी तरह सेवइयों, मिठाइयां सहित अन्य पकवान तैयार किए गए। शुक्रवार की सुबह बच्चे, बड़े सभी स्नान ध्यान के बाद नए कपड़े पहन कर तैयार हो गए। ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने की मनाही थी। ऐसे में लोगों ने घरों में नमाज अदा की। नमाज अदा कर कोरोना महामारी से बचाव की दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को दूर से ही मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों में बने सेवइयों के साथ अन्य लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया। नगर के कसाब महाल, मुस्लिम महाल, अलीनगर, जीटी रोड स्थित जामा मस्जिद, सिकटिया, गोधना सहित अन्य इलाकों में सुबह से ही पुलिस की सुरक्षा रही। वहीं मुस्लिम इलाकों में चहल पहल रही। दोपहर बाद लोग एक दूसरे के घर पहुंचे और लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया।