मुकद्दस रमजान के तीसरे जुमा पर मस्जिदों में नमाज अदा कर मुस्लिम बंधुओं ने देश में अमनचैन और तरक्की की दुआ मांगी। विभिन्न मस्जिदों में जुमा की नमाज पढ़ने के लिए लोगों में उत्साह दिखा।
माह ए रमजान सबसे पवित्र माह माना जाता है। एक माह के रोजे के बाद ईद उल फितर का त्योहार आता है। रोजे के दौरान जुमा का अलग ही महत्व है। शुक्रवार को नगर के मिनारा मस्जिद, जीटी रोड स्थित जामा मस्जिद, अलीनगर मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में नमाज अदा की गई। इस दौरान नमाजियों ने देश ,दुनिया और परिवार की बेहतरी की दुआ मांगी। इसी तरह सैयदराजा, चंदौली, दुलहीपुर, पड़ाव, बबुरी, चकिया, धानापुर सहित पूरे जिले के मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा की गई। संवाद
02. मुख्यालय स्थित शाही मस्जिद में कुरान तरावीह मुकम्मल
चंदौली। मुकद्दस रमजान माह के पहले अशरे के बाद से मुकम्मल कुरान तरावीह का सिलसिला चल रहा है। बृहस्पतिवार की रात मुख्यालय स्थित शाही मस्जिद में हाफिज सगीर साहब ने कुरआन तरावीह मुकम्मल की। साथ ही देश में अमन-चैन को लेकर दुआ की गई। हाफिज सगीर ने कहा कि रमजान माह में ही कुरान शरीफ नाजिल हुआ है। इसलिए रमजान माह के चांद रात से लेकर ईद की चांद दिखने से पहले तक तरावीह की नमाज पढ़ना चाहिए। इसमें कुरान तरावीह के बाद सुन्नत तरावीह भी पढ़ना बहुत जरूरी है। क्योंकि कुरान तरावीह एक अलग सुन्नते मुअक्कदा है और सुन्नत तरावीह एक अलग सुन्नत है। इस मौके पर हाजी शाहमुहम्मद, हाजी दाउद अली, नूर मोहम्मद, शमीम खान, निसार राईन, रियाज अहमद, मंजूर अंसारी, मुश्ताक खान, अयाज अंसारी, सहित काफी संख्या में नमाजी मौजूद रहे।