पीडीडीयू नगर। जिले भर की सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। उन गड्ढों में इन दिनों कीचड़ व गंदा पानी भरा है। चंदौली में कोई फर्राटा भरते हुए किसी सड़क से नहीं गुजर सकता है। किसी रास्ते पर जरा सी चूक हुई कि हादसा तय है।
शहर हो या गांव लगभग सभी जगहों की सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। गड्ढों से परेशानी तो थी ही बारिश के बाद कीचड़ से पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। धीना राजवाहा पर नूरी गांव सहित कई सड़कों का निर्माण केवल अधिकारियों की लापरवाही का भेंट चढ़ गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले में सड़कों का निर्माण तो कराया गया लेकिन बारिश की वजह से ज्यादातर सड़कों का काम नहीं हो सका।
पीडीडीयू नगर से रामनगर जाने वाली मुख्य सड़क काफी बदहाल है। सिकटिया गांव के पास सड़क में कई गड्ढे बन गए हैं। उनमें बारिश का पानी भर गया है। ऐसे में ये गड्ढे छोटे तालाब की तरह से नजर आ रहे हैं। इस मार्ग से धरना, छित्तमपुर, कमलापुर, एकौनी, खजूर गांव, डिहवा, परोररवा, मन्नापुर, कबीरपुर आदी गांव के हजारों लोगों का रोजाना आवागमन होता है। इलिया संवाददाता के अनुसार डेहरी कला गांव और हटवा गांव को जोड़ने वाला मार्ग बदहाल है। मार्ग पर कीचड़ होने से पैदल चलने में भी दिक्कत हो रही है।
पुलिया तो बनी पर सड़क कीचड़ से सनी
धीना। धीना राजवाहा पर नूरी गांव के सामने की पुलिया का निर्माण कराया गया है लेकिन धीना-जमानिया मुख्य मार्ग से नूरी गांव जाने वाला रास्ता अभी तक नहीं बन पाया है। बारिश होने की वजह से रास्ते पर पूरी तरह से कीचड़ जमा है। इसी रास्ते से राजकीय हाई स्कूल नूरी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय और सरस्वती विद्यापीठ में पढ़ने वाले सैड़कों छात्र-छात्राएं रोजाना गुजरते हैं। नूरी गांव के अरविंद सिंह ने बताया कि यह रोड जिला पंचायत की है जिसकी कुल लंबाई मात्र 700 मीटर है। ग्रामीणों के मांग पर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य इंदल सिंह बाबा के प्रयास से इसमें से 300 मीटर रोड बनी पर 400 मीटर शेष है। जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि 400 मीटर रोड का निर्माण जल्द करा दिया जाएगा।संवाद
कई बार की शिकायत पर नहीं हुआ समाधान
ताराजीवनपुर। क्षेत्र की लगभग आधा दर्जन सड़कें मरम्मत बदहाल हैं। ताराजीवनपुर से कैली मार्ग, पीडीडीयू नगर से चहनिया मार्ग, कैली से सराय पकवान मार्ग, बसनी से गंजख्वाजा मार्ग, टड़िया से शहरोई मार्ग, खर्रा से बरूईपुर मार्ग काफी दिनों से खराब है। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से की पर समस्या जस की तस बनी हुई है। इसको लेकर क्षेत्र के राजकुमार पप्पू, श्रवण यादव,राम नगीना शर्मा, प्रदीप गोंड, छोटे लाल यादव शाहित तमाम लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है।संवाद
दस वर्षों से क्षतिग्रस्त है मार्ग
धानापुर। नरौली गंगा घाट पर जाने वाला मार्ग लगभग दस वर्षों से क्षतिग्रस्त है। रास्ते में ही प्राथमिक विद्यालय है। जिससे छात्र व छात्राओं के साथ लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने के बाद परेशानी और अधिक बढ़ जाती है। खंड विकास अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि उक्त मार्ग को जल्द ही सही करवाया जायेगा।
दो वर्षों पहले उखड़ी सड़क, नहीं बनी
टांडाकला। क्षेत्र के तीरगांवा से जमालपुर महमदपुर मार्ग की लगभग दो किलोमीटर तक की सड़क वर्षों से उखड़ी हुई है। आज तक किसी ने इसकी सुधन नहीं ली। मारूफपुर से टांडा के बीच से हुसेपुर गांव में जाने वाली सड़क में कई गड्ढे हो चुके हैं। मारूफपुर से टांडाकी सड़क हुसेपुर से रमदत्तपुर की बीच की सड़क उखड़ कर गड्डो में तब्दील हो गई है। रमदत्तपुर से सरोली की दो किलोमीटर तक की सड़कें जगह-जगह उखड़ चुकी हैं। लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के जेई संजय यादव ने बताया कि बरसात बाद सभी सड़के बन जाएंगी।
सभी सड़कों का सर्वे कराया गया है। इनके गड्ढा मुक्ति और नवीनीकरण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि अक्टूबर से सभी सड़कों का निर्माण और मरम्मत शुरू हो जाएगा।-राजेश कुमार, एक्सईएन,लोक निर्माण विभाग