कंदवा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के बाद गांवों में सियासी घमासान तेज हो गया है। संभावित दावेदार मतदाताओं को लुभाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आरक्षण की वजह से जिन उम्मीदवारों का गणित बिगड़ गया है वो दूसरे उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी में हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के बाद ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी गांव और क्षेत्र के विकास और सम्मान की रक्षा करने का संकल्प लेते नजर आ रहे हैं। कोई प्रत्याशी मतदाताओं से मुसीबत की घड़ी में आजमाने की भी बात कर रहा है तो कोई क्षेत्र के चतुर्दिक विकास का भरोसा जता रहा है। गांव में दावतों का दौर चल पड़ा है। वहीं दावेदार सोशल मीडिया को चुनावी मझधार को पार करने का पतवार मान चुके हैं। सभी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। उदेश्य बस यह है कि किसी भी तरह से मतदाताओं को अपने पक्ष में किया जाए।