पड़ाव। क्षेत्र के भोजपुर गांव निवासी दस वर्षीय कृष्णा के हत्यारों को आठ महीने बाद भी पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। कृष्णा की हत्या आज भी पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। न्याय के लिए परिजन दरबदर भटक रहे हैं। मुगलसराय कोतवाली के भोजपुर गांव निवासी शिवकुमार सेठ उर्फ पल्लू का इकलौता पुत्र कृष्णा सेठ 12 जुलाई 2020 की दोपहर घर से लापता हो गया। परिजनों ने थाने में लापता की रिपोर्ट लिखाई। 14 जुलाई की सुबह डोमरी गांव के राकेश प्रताप सिंह के अर्धनिर्मित मकान में किशोर का शव मिला। बच्चे के शरीर से कपड़ा गायब था और गले व हाथ-पैर पर गहरे चोट के निशान थे। मौके पर पहुंचे वाराणसी पुलिस के आलाधिकारियों ने रो-रोकर बेसुध पड़े मां-बाप को दिलासा दिया कि जल्द ही हत्यारे को पकड़ लेंगे पर आठ महीने बाद भी हत्या का खुलासा नहीं हो पाया है। बच्चे की मां दीपा ने बताया कि पुलिस केवल चौकी और थाने में दौड़ाती रहती है। हमे जिस पर शक था उसे अभी तक नहीं पकड़ा गया। पुलिस कहती है कि तुम्हारे पास क्या सूबूत हैं कि इसी ने बच्चे की हत्या की। दीपा का कहना है कि पुलिस केस को दबाना चाहती है।