जिला मुख्यालय स्थित सड़सा बाबा पोखरे और जिला पंचायत कार्यालय के समक्ष स्थित पोखरे की सफाई का मुद्दा शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री संजय गोंड के समक्ष उठा था। प्रभारी मंत्री ने जल्दी से तालाबों की सफाई का निर्देश दिया बावजूद इसके अभी तक सफाई नहीं हुई। एक तरफ सरकार जल संरक्षण के लिए तालाबों के साफ सफाई और सुंदरीकरण की योजना बना रही है। दूसरीतरफ जिले के तालाबों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। जिला मुख्यालय के किदवई नगर वार्ड स्थित सड़सा बाबा पोखरा अत्यंत प्राचीन है। वर्तमान में गंदगी और अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। इससे केवल पोखरे के अस्तित्व पर खतरा मडराने लगा है। ऐसा ही हाल नगर पंचायत कार्यालय के समक्ष स्ति पोखरे का है। यह भी पूरी तरह से गंदगी की चपेट में है। ऐसे में यदि पोखरों की समुचित सफाई नहीं होने और तालाबों में गंदगी और नाबदान के पानी गिराए जाने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका है। इसी बीच जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री के समक्ष जब इन पोखरों की साफ-सफाई का मुद्दा रखा गया तो उन्होंने इसे गंभीरता के साथ लिया और जिम्मेदार अफसरों को पोखरों की सफाई कराते हुए रिपोर्ट तलब की। यही हाल पीडीडीयू नगर में मानसरोवर तालाब, आरपीएफ कॉलोनी स्थित पोखरा, नई बस्ती स्थित दामोदरदास पोखरा का भी है।