भीषण गर्मी की वजह से पेट की बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल से लेकर निजी चिकित्सकों के पास पहुंचने वाले कुल मरीजों में से 25 से 30 फीसद मरीज अपच, पेट दर्द, मरोड़, दस्त व उल्टी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इन दिनों खानपान में थोड़ी भी लापरवाही लोगों को डायरिया, गैस्ट्रोइन्ट्राइटिस, खूनी पेचिस, पीलिया आदि का मरीज बना रही है। विशेषज्ञ प्रदूषित जल व भोजन के सेवन को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गैस्ट्रोइन्ट्राइटिस आंत में संक्रमण से होता है। वायरस व बैक्टीरिया छोटी आंत के अंदर की सतह पर चिपककर टाक्सिन उत्पन्न करते हैं जो आंत से स्राव को बढ़ा देते हैं। मरीज को मिचली, उल्टी तथा मरोड़ के साथ पेट में हलका दर्द भी हो सकता है। कहा कि यह बीमारी बड़ी आंत में अमीबा हिस्टोलाइटिका व जीवाणुओं के संक्रमण से होती है। मरीज को थोड़ी मात्रा में दस्त के साथ आंव, रक्त, मरोड़ के साथ तेज पेट दर्द होता है। कभी-कभी बुखार भी आता है।