चंदौली। नीति आयोग के तहत जिले के 70 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों को आधुनिक तकनीक से शिक्षा दी जा रही। जिसके माध्यम से बच्चों का पठन पाठन डिजिटल हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग और एक निजी संस्था के संयुक्त सहयोग से प्रायोगिक तौर जिले के 70 विद्यालयों में पर्सनलाइज्ड एडाप्टिव लर्निंग (पाल) लैब सुविधा शुरू की गई है। जहां के बच्चे टैब से पढ़ाई कर रहे है।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई डिजीटल बनाने के लिए पाल लैब का निर्माण जिले के 70 विद्यालयों में किया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पाल लैब के तहत बरहनी ब्लाक के छह, चहनिया में नौ, चकिया के चार, चंदौली के 13, धानापुर के आठ, नौगढ़ के चार, नियामताबाद के नौ, शहाबगंज के पांच और सकलडीहा के 12 विद्यालयों में लैब में टैब के माध्यम से बच्चों को हिंदी, गणित और विज्ञान पढ़ाया जा रहा है।
पाल लैब के जिला समन्यवक जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रायोगिक तौर अभी तक पाल लैब के तहत चयनित प्राथमिक और कंपोजिट विद्याल के कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों को पढ़ने के लिए प्रत्येक विद्याल में 50 टैबलेट, 55 हेडफोन और आलमारी की व्यवस्था की गई है। जिसके माध्यम से कक्षा तीन से चार तक के बच्चे टैब के प्रयोग से हिंदी और गणित पढ़ते है जबकि कक्षा पांच से आठ के बच्चों को विज्ञान, गणित और हिंदी पढ़ने की सुविधा दी जा रही है।