चहनिया-सोनहुला मार्ग पर सड़क किनारे बनी खुली नालियां राहगीरों के लिए खतरा बन गई हैं। नालियों पर स्लैब नहीं होने से बाइक सवार, पैदल राहगीर और स्कूली बच्चे आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक महीने में खुली नालियों में गिरकर दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं। करीब तीन से चार फीट गहरी और दो फीट चौड़ी इन नालियों का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उन पर स्लैब नहीं लगाए गए। रात के समय अंधेरा और बारिश के दौरान जलभराव के कारण नालियां दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि चहनिया बाजार से सोनहुला तक करीब छह-सात स्थानों पर नालियां खुली पड़ी हैं। इससे सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। उनका दावा है कि लगभग हर दूसरे दिन कोई न कोई व्यक्ति इनमें गिरकर चोटिल हो रहा है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर चला गया, जबकि संबंधित अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। उन्होंने नालियों पर तत्काल स्लैब लगाने की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता, तब तक बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। खंड विकास अधिकारी जावेद अख्तर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई करते हुए नालियों पर स्लैब लगवाए जाएंगे।