चंदौली। अपर सत्र न्यायाधीश डाॅ. जया पाठक की कोर्ट में पुलिस टीम पर फायर कर हत्या के प्रयास के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान संजय उर्फ भगत उर्फ सीताराम को दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं, पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल अवधेश कुमार पांडेय ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि 22 मई 2001 को बलुआ थानाध्यक्ष मुखबिर की सूचना पर हरधनजुड़ा गांव के दक्षिण सड़क मोड़ पर पुलिस टीम ने बदमाश को पकड़ने के लिए घेरेबंदी की थी। थोड़ी देर में एक बाइक आते दिखाई दिया। पुलिस टीम ने टार्च की रौशनी से बाइक सवार को रूकने का इशारा किया। इसपर बदमाश ने पुलिस वालों को देखकर जान से मारने की नियत से फायर करने लगे। लेकिन पुलिस टीम ने अपने को बचाते हुए बदमाशों को बलुआ थाना क्षेत्र के शेरपुर सरैया निवासी संजय उर्फ भगत उर्फ सीताराम को पकड़ लिया था। उसके पास से 12 बोर का एक नाली बंदूक और जिंदा कारतूस मिला था। अन्य दो बदमाश फायर करते हुए भागने में सफल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इसकी सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दस साल की सजा और पांच हजार रुपया जुर्माना लगाया है।