धीना (चंदौली)। थानाक्षेत्र के करजरा गांव में पांच वर्षीय कार्तिक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने 15 वर्षीय बाल अपचारी को अभिरक्षा में ले लिया है। प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने उसे जनौली तिराहे और एसडी पब्लिक स्कूल के बीच से पकड़ा। धीना थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की वजह मोबाइल से ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए 3000 रुपये और उसके उजागर होने के बाद उपजी रंजिश थी। मृतक की मां कंचन सिंह की तहरीर के अनुसार पड़ोसी राजेश सिंह का 15 वर्षीय भांजा 22 मई को करजरा आया था और वह अक्सर घर आता-जाता था। आरोप है कि 26 मई की शाम उसने कंचन सिंह के मोबाइल से चोरी-छिपे अपने मित्र के खाते में 3000 रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। इस लेनदेन को कंचन सिंह की बेटी नीति सिंह ने देख लिया और इसकी जानकारी अपनी मां को दी। बाद में रुपये वापस मंगा लिए गए लेकिन चोरी पकड़े जाने से किशोर नाराज हो गया और उसने परिवार के प्रति रंजिश पाल ली। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते उसने कार्तिक को निशाना बनाने की योजना बनाई। पूछताछ में बाल अपचारी ने बताया कि 31 मई की सुबह वह कार्तिक को मोबाइल पर गेम और कार्टून दिखाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। पहले वह उसे गांव के शिव मंदिर पर ले गया लेकिन वहां लोगों की मौजूदगी के कारण इंतजार करता रहा। बाद में सुनसान मिलने पर वह कार्तिक को बहला-फुसलाकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में ले गया। फिर वहां कार्तिक के सीने पर चढ़कर गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पूछताछ, साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर घटना का खुलासा किया गया है। कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए बाल अपचारी को किशोर न्याय अधिनियम के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया।