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Chandauli News: सुरक्षा नहीं अब शौक के लिए ले रहे हथियार! युवाओं में बढ़ी असलहे की चाहत, 7000 से अधिक आवेदन लंबित

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शस्त्र के लिए आवेदन की बिक्री करने वाले दुकानदार।,संवाद
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जौनपुर। जिले में हथियारों का शौक अब केवल रसूख तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के लिए एक नया ‘स्टेटस सिंबल’ बन गया है। आलम यह है कि जिला प्रशासन के पास शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदनों का अंबार लग गया है। वर्तमान में जौनपुर में करीब 7,500 आवेदन लंबित हैं और रोजाना औसतन 4 से 5 नए लोग लाइसेंस की कतार में शामिल हो रहे हैं। कभी बंदूक और पिस्टल को बुजुर्गों की शान माना जाता था लेकिन अब 25 से 30 वर्ष के युवाओं में इसका जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। लाइसेंस फाॅर्म विक्रेता उग्रसेन सिंह के अनुसार इस समय सबसे अधिक बिक्री वरासत (पिता के बाद पुत्र के नाम ट्रांसफर) वाले फार्मों की हो रही है। साथ ही नए लाइसेंस के लिए भी लोग हजारों रुपये खर्च कर प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। भारी खर्च और लंबी प्रतीक्षा सूची के बावजूद, जौनपुर का युवा वर्ग शस्त्र की चाहत में कलेक्ट्रेट और थानों के चक्कर काटने से पीछे नहीं हट रहा है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, जनपद में कुल 11,500 शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें से 30 फीसदी लाइसेंस महिलाओं के नाम दर्ज हैं। हालांकि, हर्ष फायरिंग पर लगी रोक और सख्त कानूनी प्रावधानों के कारण अब हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन कम हुआ है लेकिन आंतरिक चाहत कम नहीं हुई है। युवाओं में असलहे के साथ फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालने की होड़ मची है। पुलिस-प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इंटरनेट मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कूल नहीं, बल्कि खतरनाक है। सप्ताह में औसतन 2-3 ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर केस दर्ज कर धर-पकड़ कर रही है। जनपद में शुक्रवार को विशेष अभियान के तहत शस्त्र वरासत और ट्रांसफर हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने नियमों को पूर्ण करने वाले संबंधित लाभार्थियों का वरासत किया। इसका लाभ 20 लोगों को मिला है।
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